Skip to main content

Posts

Showing posts from August, 2018

中国将发布其气候计划 发达国家减排意愿不足

中国即将发布其备受期待的气候行动方 案,而发达国 家已向联合国提交的减排计划仅占期望减排量的30%。若要防止极度失控的气候变化出现,发达国家提出的这一减排计划目前还远远不够。   中国宣布其二氧化碳排放有望于2030年达到峰值。在此次提交的行动方案中,中国有望着重提出碳排放强 度目标,但可 能不会谈及碳排放总量控制目标及长期减排目标,这为衡量中国的长期减排力度带来困难。   作为全球最大的温室气体排放国,中国很可能坚持发达国家应承担主要的减排责任这一立场。这种观点很可能遭到美国等其他发达国家的强烈反对。   气候行动追踪组织( 最近的研究认为,如果中国不愿或无法在其承诺的2030年碳排放峰值之后大力减少温室气体排放,发达国家将不会挑起减排的重担。   这些数据表明了经合组织( )成员国想要控制全 球平均气温上升不超 过2摄氏度,还需做出巨大努力。   研究指出:“全球计划减排量与期望值相比存在巨大差距。七国集团( )和欧盟(EU)的排放量约占全球总排放量的1/3,他们的努力对能否缩小这个差距起着决定性作用。”欧盟和美国的减排目标仍有很大的提升空间,而加拿大和日本的计划减排量更是远远不够。   本月的波 恩气候会议 旨在为巴黎气候大会扫清障碍,推动达成新的气候协议,但结果却不尽如人意。   会议无法调动各方积极性,推动提高减排目标,这意味着在将来的会谈中,如何协调所谓的‘逐步提高目标’或目标审议过程将会是一场攻坚战。   国际能源署( 周一发布的报告称,从目前30多个国家的计划来看,至少到2030年,全球温室气体排放量将持续增长,这意味着全球平均气温上升将无法控制在2摄氏度以内。   气候行动追踪组织( )认为,各国的气候计划,即国家自定贡献(  - ),能够在多大程度上缩小所谓的“减排差距”将会有效地衡量七 国集团(G7)和欧盟在控 制全球温升过程中做出的努力。   意见不一   与此同时,欧盟方面则在旷日持久的协商中竭力说服波兰等用煤大国确定自身的减排目标。   气候行动追踪组织( )认为,虽然美国和欧盟都表示他们已经采取实际行动,通过关闭老...

देश के इस स्टेशन पर पहली बार मिले दोनों, और भारतीय राजनीति में बन गये एक नाम 'अटल-आडवाणी'

और लालकृष्णआडवाणी ने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की थी. इसके बाद तो भारतीय राजनीति में ये दोनों एक नाम हो गये 'अटल-आडवाणी'. ले किन ऐसा नहीं है कि बीजेपी की स्थापना के समय ही दोनों साथ आये थे. बीजेपी की स्थापना के काफी पहले दोनों नेता राजनीति में आ चुके थे. दोनों ही आरएसएस के प्रचारक के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. अटल जी भी पत्रकारिता से जुड़े थे और लालकृष्ण आडवाणी भी. अटल जी अपने भाषण के दम पर राजनीति में बहुत ही तेजी से जगह बना रहे थे तो आडवाणी राजस्थान के कोटा में संघ के प्रचारक के तौर पर काम रहे थे. जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी के भाष णशैली से काफी प्रभावित थे. यह दोनों चाहते थे कि अटल बिहारी वाजपेयी किसी तरह संसद पहुंच जाएं ताकि उनके भाषणों को पूरे देश की जनता सुन पाये. किन अटल बिहारी वाजपेयी की मुलाकात लालकृष्ण आडवाणी से कैसे हुई यह कहानी भी बहुत रोचक है. अटल जी एक बार सहयोगी के तौर पर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ ट्रेन से मुंबई जा रहे थे. मुखर्जी कश्मीर के मुद्दे पर पूरे देश ...

चुनाव आचार संहिता उल्लंघन केस में इमरान खान ने मांगी लिखित माफी

पाकिस्तान के अगले संभावित प्रधानमंत्री इमरान खान ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में आज निर्वाचन आयोग से लिखित में माफी मांग ली और साथ ही एक हलफनामा भी दाखिल किया। इमरान खान पर आरोप है कि उन्होंने 25 जुला ई को आम चु नाव के दौरान अपना वोट डालते समय आचार संहिता का उल्लंघन किया था। मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गयी है। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।जियो न्यूज ने यह जानकारी दी है। आयोग ने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख से आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर लिखित में माफी मांगने को कहा था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सरदार मुहम्मद रजा की अध्यक्षता में हुई चार सदस्यीय पीठ की सुनवाई के दौरान इमरान खान ने लिखित माफी तथा हलफनामा दायर किया। आयोग ने कल इमरान खान के वकील बाबर ऐ वान द्वारा दाखिल जवाब को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था। बाबर ऐवान ने कहा था कि उनके मुवक्किल ने जानबूझकर अपने मतपत्र पर सार्वजनिक रूप से मोहर नहीं लगायी थी। ऐवान ने साथ ही कहा था कि इस विवाद को अब खत्म किया जाए। उन्होंने आयोग से अपील की थी कि वह इमरा...